बिहार की वर्तमान स्थिति और उसके दुष्परिणाम

नमस्कार दोस्तों, आज हम बात बिहार की करेंगे। बिहार की इतिहास गौरवशाली रहा है। यहाँ पर नालंदा जैसे विश्वविद्यालय था। जहाँ पर दुनियाभर से लोग शिक्षा के लिए आते थे। नालंदा विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार के विषय पढ़ाये जाते थे।

विहार अशोक, गौतम बुद्ध, चंद्रगुप्त मौर्य जैसे लोगो की धरती की है। एक समय में पूरे आर्यावर्त की राजधानी पाटलिपुत्रा हुआ करती थी। यहाँ पर राजा अपनी राजधानी बनाती थी। बिहार का एक बहुत पुराना इतिहास रहा है।

बिहार की वर्तमान स्थिति और उसके दुष्परिणाम

बिसर की वर्तमान स्थिति

बिहार की वर्तमान स्थिति काफी दयनीय है। यहां की लोगो में बेरोजगारी है। बिहार की प्रति व्यक्ति आय 54383 है। और हमारे देश की प्रतिव्यक्ति आय 1 लाख 70 हजार है। जो कि उनकी तुलना में काफी कम है।

बिहार में किसी भी क्षेत्र में उन्नति नहीं दिखती है। बिहार की शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा कही भी बिहार अपना दबदबा बनाने में नाकाम है। यहाँ की बढ़ती जनसंख्या को किसी भी तरह का सुविधा नही है।

यहाँ पर बेरोजगारी है। लोग काम की तलाश में दूसरे राज्य मैं जाते हैं। जहाँ पर उन्हे बहुत ही कम वेतन पर काम करना पड़ता है।

इसके पीछे की वजह

तो आइए हम जानने कि कोशिश करेंगे की इसके पीछे की वजह क्या है। बिहार की वर्तमान स्थिति की वजह बहुत सारे हैं। बिहार में जातिवाद बहुत है जो कई वर्षो मे चला आ रहा है। यहां के नेता भी जातिवाद को मुद्धा बना कर चुनाव तो जीतते हैं।

पर कोई विकास का कार्य नही करते हैं। बिहार में एक समय में गुंडाराज था। जिसकी वजह से यहाँ पर उद्योग नहीं लग पाए। यहां पर गुंडों के द्वारा रंगदारी के वजह से बड़े-बड़े उद्योगपति बिहार से भागते हैं।

बिहार और झारखंड जब एक साथ था तो खनिज और कोयला खदान इनके राजस्व का रूप महत्वपूर्ण जरिया था पर अब झारखंड के अलग होने से वह भी खत्म हो गया। यहां के राजनीति हमेशा अस्थिर रहती है।

जिसकी वजह से कोई भी कार्य समय पर नही हो पाती है यहां की सरकार हमेशा बदलती रहती है। कभी कोई एक पार्टी बहुमत में नहीं आती है मिली-जुली सरकार बनती है। और बिहार का बेड़ा गर्क करती है।

यहाँ की युवाओं का सोच भी सिर्फ सरकारी नौकरी के पिछे ही जाती है। वो लोग कोई और चीज नहीं सोचते हैं। बिहार के युवाओ को बिजनेस उधम के बारे में सोचना चाहिए। ताकि की बिहार भी अन्य राज्यों की बराबरी कर सके, बिहार में संभावनाएं की कमी नहीं है।

यहां के किसान, युवा, उद्यमी को बस मौका की तलाश है। उन्हें सही अवसर, व्यवस्था, शिक्षा की जरूरत है। आज देश के प्रधानमंत्री भारत को दुनिया की तीन बड़ी अर्थव्यवस्था में लाना चाहती है। पर कोई किसी राज्य का मूलभूत विकास भी नहीं हो रहा है।

भारत की अर्थव्यवस्था तभी मजबूत होगी। जब यहाँ के सभी राज्य का विकास होगा। शिक्षा, स्वास्थय, रोजगार, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। धन्यवाद!

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Manish Kumar
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