[Chandrayaan-3] क्या है ये चंद्रयान

[Chandrayaan-3] क्या है ये चंद्रयान, चंद्रयान-1 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम के अंतर्गत द्वारा चंद्रमा की तरफ भारत का पहला अंतरिक्ष यान था। यह यान एक मानवरहित था जो कि चंद्रमा पर भेजा गया। और यह लगभग 2 सालों तक संक्रिय रहा।

[Chandrayaan-3] क्या है ये चंद्रयान

यह यान प्रूवीय उपग्रह प्रमोचन यान (पोलर सैटलाइट लॉन्च वेहीकल, पी एस एल बी) के एक संशोधित संस्करण वाले रॉकेट की सहायता से सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया। भारत यह 2008 में प्रथम बार किया था और अपना वर्चस्व बनाने वाला चौथा देश बन गया। इस क्रम में chandrayaan-2 को भी लांच किया गया। और अब chandrayaan-3 को 14.07.2023 को लांच किया गया।

[Chandrayaan-3] क्या है ये चंद्रयान

आखिर क्या करता है चंद्रयान

  • चंद्रयान का उद्देश्य चंद्रमा की सतह के विस्तृत नक्शे और पानी के अंश और हीलियम की तलाश करना था।
  • चंद्रयान स्थायी रूप से छाया में रहने वाले उत्तर और दक्षिण पूर्वीय क्षेत्र के खनिज एवं रसायनिक इमेजिंग।
  • चंद्रयान पानी बर्फ की तलाश करता है विशेष रुप से चंद्र ध्रुवों पर
  • चट्टानों में रसायनों की पहचान करता है।
  • चंद्र की सतह की ऊंचाई कि भिन्नता का मानचित्र करता है।
  • चंद्रमा की उत्पत्ति और विकास को समझने में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।
  • यह चंद्रमा की अंतरिक्ष सामग्री की इमेजिंग करता है।

चंद्रयान : 3

यह देश का तीसरा मून मिशन है। Chandrayaan-3 की लॉन्चिंग 14/07/2023 को की गई। यह श्रीहरिकोटा से लांच किया गया। Chandrayaan-3 का मुख्य मिशन है। चंद्रमा की सतह पर लेंडर को सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग करना है।

चंद्रयान-3 के तीन मुख्य हिस्से हैं। उनमें पहला है प्रोपल्शन मॉड्यूल, दूसरा है लैंडर मॉड्यूल और तीसरा है रोवरChandrayaan-3 का मकसद लेंडर की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करना है।

[Chandrayaan-3] क्या है ये चंद्रयान

क्या होता है प्रोपल्शन मॉड्यूल?

प्रोपल्शन मॉड्यूल वह हिस्सा जो चंद्रयान-3 लॉन्च के बाद ये धीरे-धीरे धरती की कक्षा को छोड़कर चांद कि ओर बढ़ेगा प्रोपल्शन मॉड्यूल लैंडर और रोवर को चंद्रमा की कक्षा यानी ऑर्बिट में 100 किलोमीटर ऊपर छोड़ेगा। प्रोपल्शन मॉड्यूल चंद्रमा के ऑर्बिट में लैंडर और रोवर मे कम्युनिकेशन बनाएं रखने के लिए चक्कर लगाता रहेगा।

कितना होगा इसका लाइफ

Chandrayaan-3 लैंडर और रोवर कि मिशन लाइफ चंद्रमा के एक दिन (एक लूनर डे) की होगी। एक लूनर डे पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होता है। इसी तरह एक लूनर नाइट होती है।

इसे भी पढ़े :-

क्या है इंटरनेट ऑफ थिंग्स IOT (Internet of things)

डीआरएस (DRS) क्या होता है? यहां से ले जानकारी सरल शब्दों में

क्या है बादलों का फटना जानिए इसकी प्रक्रिया हिंदी में

निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है कि chandrayaan-3 के बारे में आपको पूरा इंफॉर्मेशन मिल गया होगा। कि chandrayaan-3 क्या करता है और कैसे लैंडिंग करता है। लैंडिंग के बाद chandrayaan-3 किस उम्मीद से किस चीज कि खोज में गया है। इत्यादि अंत में, मैं इतना ही कहां चाहूंगा की चंद्रयान 3 के बारे में, मेरे द्वारा दिया गया इंफॉर्मेशन कितना सरल और सटिक रहा प्लीज कमेंट कर के जरूर बताएं और इस आर्टिकल को शेयर करना ना भूले। धन्यवाद

Manish Kumar
Manish Kumar

नमस्कार दोस्तों, मैं मनीष कुमार Puredunia.com वेबसाइट का फाउंडर हूं। यहां मैं आपलोगो को नॉलेज से रिलेटेड जैसे की जनरल जरकारी, ट्रेंडिंड टॉपिक, कैरियर, सरकारी योजना, हाउ टू, इत्यादि का सही-सही जानकारी उपलब्ध करवाता हूं। अगर हमारे बारे में ओर कुछ जानना चाहते हैं तो About us page पर जाए। धन्यवाद!

Articles: 394

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *